बरसात का मौसम लोगों के लिए अब एक नई आफत लेकर आ चुका है। देशभर के कई राज्यों में h1 n1 स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। बड़ी संख्या में h1 n1 स्वाइन फ्लू के लक्षण लोगों में देखे जा रहे हैं। मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में अब बढ़ने लगी है।
स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी, उत्तराखंड में अस्पताल अलर्ट
वहीं इसको लेकर देशभर में स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि क्योंकि बरसात के मौसम के दौरान अक्सर डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और स्वाइन फ्लू जैसे बीमारियों की संभावना रहती है तो इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे अगर मरीजों में कोई लक्षण आते हैं तो उनको तत्काल बेहतर उपचार दिया जा सके।
दून अस्पताल स्वाइन फ्लू के लिए तैयार, सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध
वहीं शहर का बड़ा अस्पताल दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल मुख्यमंत्री के निर्देश और एडवाइजरी आते ही अलर्ट मोड पर आ चुका है। अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ RS बिष्ट ने भी अस्पताल को स्वाइन फ्लू के लिए तैयार बताया। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान ही जो स्वास्थ्य प्रोटोकॉल अपनाया गया था, वह अभी भी मौजूद है, जैसे जांच के लिए आईटीपीसीआर के साथ ही पर्याप्त संख्या में ICU बेड भी उपलब्ध हैं।
PPE किट , ऑक्सीज़न सिलेंडर उपलब्ध, आमजन से अपील भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें, मास्क पहनें,,,,
इसके अलावा PPE किट मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं साथ ही अस्पताल में हर बेड ऑक्सीजन सप्लाई के साथ उपलब्ध है। अस्पताल की तैयारियों के साथ ही डॉ बिष्ट ने आमजन से भी एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर खांसी जुकाम के लक्षण नजर आते हैं तो डॉ को अवश्य दिखाएं। इसके साथ ही भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और अगर आवश्यक हो तो N 95 मास्क का उपयोग जरूर करें।
ड्रॉपलेट से फैलता है स्वाइन फ्लू, इसलिए मास्क का उपयोग जरूर करें, प्राणघातक नहीं है यह वेरिएंट
डॉ बिष्ट ने लोगों में h1n1 के फैलने को लेकर बताया कि यह संक्रमित व्यक्ति के खांसी जुकाम के दौरान ड्रॉपलेट्स से फैल सकता है, इसलिए किसी भी संक्रमित व्यक्ति से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें या मास्क का उपयोग जरूर करें। वहीं उन्होंने लोगों को अनावश्यक घबराने से बचने की भी सलाह देते हुए कहा कि स्वाइन फ्लू का यह वेरिएंट अभी बहुत ज्यादा घातक नहीं है और केवल सामान्य उपचार से भी मरीज स्वस्थ हो जा रहे हैं। जरूरत है तो केवल एहतियात बरतकर जागरूक रहने की।
