दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हॉस्टल से एक बेहद ही शर्मनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ युवक, युवतियां सिगरेट पीते पार्टी करते तेज डीजे बजाते हुए नजर आ रहे हैं। जानकारी में आया कि ये मदहोश बेशर्म युवक, युवतियां दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हॉस्टल में पार्टी करते हुए डीजे की आवाज में इतने मशग़ुल हुए कि इन बेशर्मों को इतना भी याद नहीं रहा कि इनकी डीजे की आवाज से आसपास लोगों को तकलीफ हो रही है, जिसके बाद देर रात पुलिस को बुलाना पड़ा। हालांकि जब हमारे द्वारा दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्राचार्य डॉ गीता जैन और चिकित्सा अधीक्षक आर एस बिष्ट से इस संबंध में कॉल के माध्यम से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं की गई।
क्या बोले नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप पंत
इस पूरे मामले में जब हमारे द्वारा नगर कोतवाली इंस्पेटर प्रदीप पंत से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि देर रात शिकायत प्राप्त हुई कि दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हॉस्टल से डिजे की तेज आवाज आ रही है, जिसपर पुलिस मौके पर पहुंची और दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीजी कर रहे और मौके पर पार्टी कर रहे युवक, युवतियों को समझाया गया। साथ ही चेतावनी भी दी कि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो।
जो अर्धनग्न शरीर में युवतियों के साथ नाच रहे, वो मरीज़ का उपचार कैसे करेंगे ?
वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ युवक, युवतियों के साथ पार्टी करते हुए डीजे की तेज आवाज में नाच रहे हैं, इतना ही नहीं युवकों ने अपनी शर्ट उतारी हुई है और बेशर्मी में आधे नंगे नाच रहे हैं। सवाल यह है कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं के जब ये हालात हैं, तो भगवान ही मालिक है उन मरीजों का जिनका ये भविष्य में इलाज करेंगे।
मरीजों के साथ बदसलूकी की कई बार आई है शिकायतें
आपको बता दें कि दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आये दिन मरीजों के साथ स्टाफ और इंटर्न स्टाफ के द्वारा बदसलूकी करने की कई बार शिकायतें आई हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन हर बार इसको ढकने की कोशिश करता रहा है। हाल ही में एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें एक महिला द्वारा काउंटर में मौजूद स्टाफ पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन क्या अनुशासन हीनता की कार्रवाई करेगा ?
हालांकि पूरे मामले पर पुलिस द्वारा सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया है और किसी भी युवक युवतियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन अब पूरा मामला अस्पताल प्रशासन के हाथ में है, क्योंकि जिस तरह से पीजी कर रहे स्टूडेंट्स आधे नंगे होकर युवतियों के साथ नाच रहे हैं उससे साफ जाहिर होता है कि ये अनुशासन हीनता के दायरे में आता है। सवाल है क्या अस्पताल प्रशासन इनपर कोई कार्रवाई करेगा या हर बार की तरह इन्हें भी बिना किसी उचित कार्रवाई के छोड़ दिया जाएगा। सवाल ये भी उठता है कि भविष्य में चिकित्सक बनने वाले इन युवक युवतियों का मौलिक स्तर इतना नीचे क्यों गिरता जा रहा है? इस वीडियो के वायरल होने के बाद तो यही लगता है कि इनको मेडिकल की पढ़ाई करने से पहले मौलिकता का पाठ सीखना जरूरी है, जो न ही इनको परिवार से मिला है और न ही मेडिकल कॉलेज में सिखाया जाता है।
