उत्तराखंड में एमबीबीएस फर्जी सर्टिफिकेट दाखिला मामले में SIT को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसआईटी ने प्रारंभिक जांच के दौरान ही दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें से एक मुख्य अभियुक्त रूपेश पंडित इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड है। जबकि अन्य अभियुक्त इस फर्जीवाडे में शामिल रहा।
Sp देहात जया बलूनी के नेतृत्व में गठित हुई थी SIT
SIT की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल ने खुलासा किया। SSP परमेंद्र डोभाल ने बताया कि मामले में 13 सितंबर को ही उपनिरीक्षक राजस्व की तहरीर पर थाना रायपुर व क्लेमेंटाउन पुलिस थानों में मामले दर्ज कर दिए गए थे। इस पूरे मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन भी किया गया था। इसके बाद SIT ने सभी दस्तावेजों की जांच शुरू की। साथ ही इस बात का पता लगाया गया कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे किसका हाथ है।
कई वर्षों से करा रहा था फर्जी सर्टिफिकेट दाखिला
पुलिस की गठित एसआईटी को ज्यादा समय नहीं लगा आरोपियों तक पहुंचने में और एसआईटी ने रूपेश पंडित नाम के शख्स व आरोपी अरविंद कुमार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। SSP प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि अभियुक्त रूपेश पंडित कई वर्षों से इस फर्जीवाडे को करता रहा। मुख्य अभियुक्त रूपेश पंडित मेरठ में एक एजुकेशन कंसलटेंसी का कार्य करता है, और अपनी एक निजी मीकोडो नाम की कंपनी के जरिए प्राइवेट यूनिवर्सिटी विदेश में भी बीबीए, बीसीए बीटेक व एमबीबीएस कोर्सेज में कमीशन के आधार पर दाखिले करवाता था।
एक-एक से 45 लाख का किया सौदा, 20 लाख एडवांस समेत, कई और अभी SIT के रडार में
रुपेश पंडित के साथ गिरफ्तार अभियुक्त के बारे में भी ssp ने बताया कि यह रूपेश को कई वर्षों से जानता था और अपनी बेटी व परिचितों के बच्चों को MBBS में दाखिला दिलवाने के लिए इसने रूपेश को कहा। SSP ने बताया कि अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि प्रत्येक व्यक्ति से फर्जी सर्टिफिकेट के साथ दाखिला दिलवाने को लेकर 45 लाख का सौदा किया था और हाल ही में हुए दाखिले को लेकर 20-20 लाख रुपए एडवांस भी लिए गए थे। SSP ने यह भी संकेत दिए कि मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। क्योंकि यह कई वर्षों से यह कार्य कर रहा है तो ऐसे में इसने पूर्व के वर्षों में भी किस तरह से फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए दाखिले करवाये हैं उस संबंध में अभी पूछताछ जारी है, साथ ही SSP ने इस पूरे फर्जीवाड़े में जल्द और भी गिरफ्तारी होने के भी संकेत दिए हैं।
