प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के आह्वान का असर अब हर क्षेत्र में दिखने लगा है और विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोग इस मजबूत पहल को गति भी दे रहे हैं। इसी क्रम में वन एवं वन्यजीवों से जुड़े और इससे संबंधित स्वदेशी निर्मित उपकरणों को मुहैया करवाने को लेकर भारतीय वाइल्डलाइफ, टाइगर कंजर्वेशन वैज्ञानिक बिलाल हबीब व सुमित सभरवाल ने मिलकर एक प्रोजेक्ट सेंटर की शुरुआत की है। इसको लेकर सुमित सभरवाल ने बताया कि साल 2023 में मैसूर में जब प्रधानमंत्री मोदी ने टाइगर काउंटिंग के दौरान मेक इन इंडिया के तहत वन्य जीव उत्पादों जैसे रेडियो कॉलर, कैमरा ट्रैप, ड्रोन बनाने का आह्वान किया था, तभी से हमने इन प्रयासों को गति देना शुरू किया। जिससे आज वनरक्षक के तहत एक रिटेल कम प्रोजेक्ट सेंटर की शुरुआत की है। वहीं वाइल्ड लाइफ व टाइगर कंजर्वेशन भारतीय वैज्ञानिक बिलाल हबीब ने बताया कि हमने 2006-7 में इसकी शुरुआत की थी और पहली बाघ गणना 2004 में हुई थी, लेकिन तब समस्या यह थी कि हमें बाहर से कैमरा ट्रैप को आयात करना पड़ता था, लेकिन बतौर एक वैज्ञानिक हमने एक बेहतर आइडिया दिया और सुमित ने मेक इन इंडिया और पूंजीगत निवेश के तहत उसको पूरा किया।
