उत्तराखंड, देहरादून: राजधानी देहरादून में गौरा देवी शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्यभर से आए लगभग 400 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गुरु ही अपने शिष्य को ईश्वर का ज्ञान कराता है, गुरु कृपा के बिना जीवन की सार्थकता अकल्पनीय है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक न केवल किताबों का ज्ञान देता है बल्कि जीवन जीने की राह भी दिखाता है। हरीश रावत ने आगे कहा कि शिक्षा को महत्व देना आज की राष्ट्रीय आवश्यकता है। यदि हम शिक्षक का सम्मान नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक का सम्मान करना केवल हमारी परंपरा नहीं बल्कि हमारा धर्म है।
