उत्तराखंड भाजपा नेता व पूर्व राज्य मंत्री रहे अशोक त्रिपाठी ने आज देहरादून प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान हरिद्वार में होने जा रहे 2027 अर्ध कुंभ को लेकर अनियमितता व आपत्तियां जताई। उन्होंने कुंभ मेले में किए जा रहे निर्माण के टेंडर पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह काम अहमदाबाद कि किसी कंपनी को 50 करोड़ में दिया गया है। जबकि इसमें किया जाने वाला काम किसी भी कीमत पर 5 करोड़ से ऊपर नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उत्तराखंड में कोई ऐसी कंपनी या निर्माण निर्माणदायी संस्था नहीं थी, जिसे यह काम दिया जा सकता था। साथ ही उन्होंने इसमें पुनःमूल्य निर्धारण करते हुए एक नई डीपीआर तैयार करने की भी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य हों वो नियमों के तहत ही किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने अर्ध कुंभ को कुंभ के रूप में आयोजित किए जाने पर भी गंभीर सवाल खड़े किए ? उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार का नहीं है कि वह धार्मिक कार्यों, रीति रिवाज, सदियों से चली आ रही परंपराओं में हस्तक्षेप करे। सरकार को चाहिए कि वह अर्ध कुंभ की प्रक्रिया, नियमों में हस्तक्षेप न करे। इसे धार्मिक संस्थाओं को ही करने दे। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाए जाने के भी आरोप लगाए और कहा कि जब मेरे द्वारा यह आपत्तियां दर्ज की जा रही थीं तो हरिद्वार विकास प्राधिकरण के अधिकारी मेरे घर पर घर के नक्शे के वैध अवैध होने को लेकर सवाल उठाते रहे। इस दौरान उन्होंने खुद के जीवन के संकट में होने की बात का भी जिक्र किया। उन्होंने दृढ़ता दिखाते हुए यह भी कहा कि यदि उन्हें धामी सरकार द्वारा यह सोचकर परेशान किया जा रहा है कि वे भयभीत हो जाएंगे तो ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा है कि उनके भवन आवास का यदि नक्शा अवैध पाया जाता है सरकार प्रशासन शौक से उसे तोड़ने की कार्रवाई कर सकती है और उनके जीवन का भी सबसे सुखद क्षण यही होगा कि जब धामी सरकार का बुलडोजर उनके घर पर चलेगा।
