उत्तराखंड में 7 हजार बीघा जमीन यूआईआईडीबी यानी उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से निजी सेक्टर को लीज पर देने के भाजपा सरकार पर लग रहे आरोपों के बीच विपक्षी दलों ने पूरी तरह मोर्चा खोल दिया है। इसी के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल आज देहरादून स्थित यू आई आई डी बी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचा। जहां उन्होंने भाजपा सरकार पर उत्तराखंड की जमीनों को निजी हाथों पर सौंपने के आरोप लगाने के साथ ही सरकार को सख्त चेतावनी भी दी। उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार पहाड़ों की बेशकीमती जमीनों को जिस तरह धनपतियों को बेचने की प्लानिंग कर रही है उससे पहाड़ के लोगों को कुछ नहीं मिलेगा। यूकेडी के मूल निवास भू कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लुशन टोडरिया ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि पहाड़ों की जमीनों पर स्वयं सहायता समूह को जमीन दी जाए, छोटे होमस्टे, स्वरोजगार के लिए स्थानीय लोगों को जमीन उपलब्ध कराई जाए। इसके बजाय सरकार लग्जरी होटल खोलने के लिए धनपतियों को जमीने 60 और 90 साल की लीज़ पर दे रही है। वहीं यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट ने भी कहा कि ऐसा राज्य जिसकी 70% भूमि वनाच्छादित हो, जिसकी सीमाएं नेपाल, चीन से लगी हों, अगर वहां की जमीनों को उद्योगपतियों पर लुटा दिया जाएगा तो ना यहां की सीमा बचेगी और न ही संस्कृति। उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह उत्तराखंड की जमीन को लुटवाया जाएगा तो उत्तराखंड क्रांति दल इसका पुरजोर विरोध करेगा।
