दिल्ली का कुख्यात सिद्धू गैंग अब युवाओं को नशे के पेडलर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। इसी को लेकर देहरादून में राजपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 युवाओं को हाई प्रोफाइल ड्रग के साथ गिरफ्तार किया है। युवाओं के पास से करीब 44 ग्राम MDMA हाईप्रोफाइल ड्रग बरामद हुआ है। सभी 6 युवा देहरादून के कॉलेजों में भी पढ़ते हैं।
नशा माफिया युवाओं को बना रहे ड्रग पैडलर
एक ओर उत्तराखंड सरकार व पुलिस देव भूमि को ड्रग फ्री बनाने का प्रयास कर रही है, तो वहीं उत्तराखंड में ड्रग माफिया न सिर्फ नशा पहुंचा रहे हैं बल्कि इस नशे को पहुंचाने में युवाओं को भी शामिल कर रहे हैं। खासकर की ऐसे युवा जो खुद भी नशे के आदी हैं और इस नशे को कॉलेज के अन्य छात्रों को भी बांटने का काम कर रहे हैं। ऐसे ही 6 ड्रग पैडलरों को राजपुर थाना पुलिस ने ANTF की मदद से हाई प्रोफाइल ड्रग एमडीएम के साथ गिरफ्तार किया है। इनमें से चार को राजपुर रोड जबकि दो को सहस्त्रधारा क्षेत्र हेलीपैड के पास से गिरफ्तार किया गया है। मामले को लेकर एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर लगातार ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं और इसी दौरान इस कार्रवाई को राजपुर पुलिस ने ANTF के साथ मिलकर अंजाम दिया है।
सभी दिल्ली के कुख्यात सिद्धू गैंग के संपर्क में थे
हैरानी की बात यह है कि यह 6 युवा ड्रग पैडलर देहरादून क्षेत्र के ही निवासी हैं और इनमें से तीन युवा 21 वर्ष जबकि एक 22 और एक 24 वर्ष का है। इन युवाओं से पुलिस ने करीब 44 ग्राम एमडीएम जिसकी अनुमानित कीमत करीब साढ़े चार लाख आंकी गई है बरामद किया है। साथ ही इनसे मिली एक कार को भी सीज किया गया है। पूरी कार्रवाई में तब नया मोड़ आया जब पता चला कि यह सभी युवा कॉलेजों में पढ़ते हैं और कॉलेज के ही ऐसे युवाओं को नशे की सप्लाई करते हैं और इस बार भी ये सभी नशे का जहर बेचने की फिराक में थे। इन सभी युवा पैडलरों से यह भी पता चला है कि ये दिल्ली के कुख्यात सिद्धू गैंग के लिए काम करते हैं। पूछताछ में पता चला है कि दिल्ली के सिद्धू गैंग के संपर्क में यह पूर्व में आए थे, जिसके बाद सिद्धू गैंग के पेडलर के रूप में काम करने लगे और अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए नशा तस्करी में लिप्त हो गए।
पढ़ने की उम्र में युवा आ रहे नशे की चपेट में, समाज के लिए गंभीर चेतावनी
पुलिस लगातार नशा तस्करी पर कानूनी शिकंजा तो कस रही है और नशे के सौदागरों को लगातार सलाखों के पीछे भी पहुंचा रही है, लेकिन कॉलेजों में बढ़ता नशा और इस नशे के दलदल में फंसते वो युवा जो उच्च शिक्षा लेकर देश के भविष्य गढ़ेंगे, जब वे ही नशे के सौदागर की भूमिका में नजर आएंगे तो आखिरकार देश का भविष्य क्या होगा ? सवाल ये भी है कि पुलिस नशे के खिलाफ कार्रवाई तो कर रही है, बावजूद इसके नशे के सौदागरों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं बन पा रहा है और वो कौन से तरीके हैं जिनसे न सिर्फ नशे की चेन को तोड़ा जाय। बल्कि युवाओं को भी इतना सजग बनाया जाय कि वे न खुद इसके चंगुल में फंसे बल्कि अन्य युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
