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बीकेटीसी यानी बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति में वित्तीय अनियमिताओं के आरोपों के बीच भैरव सेना भी अब सड़कों पर उतर चुकी है। भैरव सेना आज जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय पहुंची। जहां उन्होंने बीकेटीसी के खिलाफ नारेबाजी करी, साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भी राज्यपाल को प्रेषित किया गया। भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने इस दौरान कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के चार धाम सभी सनातनियों की आस्था का केंद्र हैं, श्रद्धालु यहां से दूर-दूर से आते हैं और अपनी मेहनत की जमा पूंजी खर्च कर भगवान के दर्शन की इच्छा रखते हैं, लेकिन बीकेटीसी जो VIP दर्शन के नाम पर 1100 रूपये लेकर इन आस्था के केंद्रों का व्यवसायीकरण कर रहा है वह बड़ी संख्या में धामों में आए भक्तों की आस्था से खिलवाड़ है और इस तरह भगवान के दरबार में धन बल के आधार पर भेदभाव भी पैदा किया जा रहा है। भैरव सेना ने ज्ञापन में करोड़ के घोटाले की आशंका भी जताई, जिसमें लिखा गया है कि साल 2024 की तुलना में साल 2025 में यात्रियों की संख्या करीब साढ़े तीन लाख की वृद्धि हुई, लेकिन इसके बावजूद समिति को करीब साढ़े 13 करोड़ का घाटा कैसे हो गया।
साथ ही भैरव सेना ने बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर भी बोर्ड के नियमों की अवहेलना के आरोप लगाए, जिसमें ज्ञापन में लिखा गया है कि उनका वैधानिक मुख्यालय जोशीमठ चमोली में होने के बावजूद इसे ऋषिकेश में स्थानांतरित कर दिया और ऋषिकेश में स्वयं के दो गेस्ट हाउस होने के बावजूद चार धाम यात्रा प्राधिकरण के भवन को भारी भरकम किराए पर लिया गया है और इसके साथ में सीएसआर फंड का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। अपने शिकायती ज्ञापन में भैरव सेना ने लिखा कि इसकी आधिकारिक शिकायत मुख्यमंत्री के अनुमोदन होने के बाद भी गृह विभाग ने विशेष जांच करवाई और इसमें संगीत आरोपों की पुष्टि भी हुई, लेकिन बीते दो वर्षों से उस रिपोर्ट को भी ठंडे बस्ते में डालकर दोषियों को बचाया जा रहा है।
भैरव सेना ने मांग करी है कि वर्तमान में गठित बोर्ड को तत्काल भंग किया जाए और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक या केंद्रीय एजेंसी से जांच सुनिश्चित की जाए। वही भैरव सेना ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इन प्रकरणों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो भैरव सेना जल्द ही उग्र आंदोलन करेगी और पर्यटन धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के आवास पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
