स्थाई राजधानी गैरसैण समिति द्वारा गैरसैंण में 100 दिनों से ज्यादा के क्रमित अनशन के बाद भी जब सरकार ने स्थाई राजधानी को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया तो समिति ने मजबूर होकर एक बड़ा कदम उठाया है। समिति ने देहरादून में विधानसभा भवन के ठीक सामने बैठकर सामूहिक मुंडन करवाया।
25 साल में भी नहीं मिली उत्तराखंड को स्थाई राजधानी
समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस विनोद कुमार रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड को बने 25 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक इसे स्थाई राजधानी नहीं मिली और इसी लिए राज्य का गठन भी हुआ था। यानी स्थाई राजधानी के गैरसैंण अभी भी सपना बना हुआ है।
उत्तराखंड सरकार गैरसैंण के लिए मर चुकी, इसलिए किया सामूहिक मुंडन
उन्होंने कहा कि सामूहिक मुंडन हिंदू संस्कारों में या तो बच्चे का होता है या फिर बड़े बुजुर्गों के निधन पर होता है, क्योंकि सरकार राजधानी गैरसैंण के लिए मर चुकी है, इसलिए हमने यह सामूहिक मुंडन करवाया है।
15 अगस्त की भी समिति की बड़ी योजना
उन्होंने इसके साथ यह भी ऐलान किया है कि 15 अगस्त को देहरादून के विधानसभा भवन के सामने से समिति एक पद यात्रा का आयोजन करेगी। जिसका उद्देश्य भी स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग होगा और यह पदयात्रा विभिन्न पड़ाव से होते हुए राजधानी गैरसैंण पहुंचेगी। गैरसैंण पहुंचने के बाद फिर वहां क्रमित अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को पूरा नहीं कर दिया जाता।
