उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में बंदरों और सुअरों का खेती पर आतंक तो दिखाई ही दे रहा था, वहीं अब भालू भी फसलों को खराब कर रहा है, लेकिन समस्या यह है कि भालू के द्वारा फसल नष्ट किए जाने पर किसानों को मुआवजा दिए जाने का कोई प्रावधान अब तक नहीं है। इसी को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने देहरादून स्थित वन मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने वाइल्डलाइफ वार्डन को ज्ञापन सौंपा और कहा कि उत्तराखंड में भालू के द्वारा अक्सर खेती खराब कर दी जाती है। लेकिन जब बात मुआवजे की आती है तो भालू के खेती खराब करने को लेकर मुआवजे का कोई प्रावधान अब तक नहीं है, जिसके चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है इसलिए वन विभाग को भालू से हुई फसलों के नुकसान को लेकर मुआवजे का प्रावधान किया जाना चाहिए।
