टिहरी की बेटी सृष्टि कंडारी खत्री को अब न्याय मिलने का समय आ गया है। पुलिस ने मामले में आरोपित ससुराल पक्ष को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पति सौरभ खत्री व मृतका की ननद चारू को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतका के आखरी वायरल वीडियो ने खोले राज, जिसपर co डोईवाला वंदना वर्मा को दी जांच की अहम जिम्मेदारी
आपको बता दें कि 29 जुलाई को ससुराल पक्ष ने मृतका को अस्पताल पहुंचाया था। जहां से उसे मृत घोषित कर दिया गया। ससुराल पक्ष का कहना था कि उसने आत्महत्या कर ली है, लेकिन सृष्टि कंडारी खत्री के परिवारजनों ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया कि उसे लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते ससुराल पक्ष के दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया। इसी बीच सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। जिसमें मृतका सृष्टि कंडारी खत्री बोलती हुई दिखाई दीं। वीडियो में वे रोती बिलखती दिखाई दीं। उन्होंने अपनी स्थिति को बयां किया और ससुराल पक्ष की ओर से दहेज का दबाव बनाने और उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने की भी बात कही। यही मौत से पहले के वीडियो को पुलिस अहम साक्ष्य के रूप में देख रही है और क्योंकि इस वीडियो पर मृतका ने अपनी ननद के दबाव और पति सौरभ खत्री द्वारा चुप्पी सादे जाने का भी जिक्र किया था तो ऐसे में पुलिस में एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में डोईवाला क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा को इन्वेस्टिगेटिंग ऑफीसर नियुक्त कर मामले की प्राथमिक जांच सौंपी थी। इसके बाद अब यह बड़ी गिरफ्तारी हुई है।
दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में नहीं होगी लापरवाही, न्यायालय में भी पुख्ता साक्ष्यों को रखा जाएगा
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल ने स्पष्ट कहा है कि इस पूरे मामले पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है, जो तथ्य, साक्ष्य न्यायालय में पैरवी का मजबूत आधार बन सकते हैं उनको भी पुलिस जांच में लाया जाएगा और दोषियों को उनके अंजाम तक दून पुलिस पहुंचाकर रहेगी।
टिहरी से विधायक विनोद कंडारी भी मुख्यमंत्री से मामले को लेकर मिल चुके, त्वरित गहन जांच की मांग की थी,,
आपको बता दे कि बीते दिन ही टिहरी से भाजपा विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस पूरे मामले के संबंध में अवगत करवाया था, जिसके बाद सीबीसीआईडी जांच की अनुमति मिल गई थी।
21 वीं सदी में भी दहेज की कुरीति की मानसिकता, बेटियां ससुराल में सुरक्षित क्यों नहीं?
अब इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिरकार समाज में सदियों पुरानी दहेज की कुरीति खत्म होने का नाम क्यों नहीं ले रही है? आज 21वीं सदी में भी ऐसे लोग बेटियों को लक्ष्मी नहीं,, बल्कि बैंक का एक एटीएम कार्ड क्यों समझने लगते हैं? आपको बता दें कि सौरभ खत्री मृतका का पति खुद सचिवालय में निजी सचिव पद पर तैनात है। मृतका भी खुद टिहरी में राजकीय इंटर कॉलेज में गणित विषय पढ़ाती थीं। उन पर लगातार दहेज का दबाव बनाया जा रहा था, अब पुलिस की कार्रवाई के बाद सचिवालय की ओर से क्या कार्रवाई होती है उसका भी इंतजार किया जा रहा है। आखिरकार सचिवालय में उच्च अधिकारी आरोपित निजी सचिव सौरभ खत्री पर क्या एक्शन लेते हैं? क्या उन्हें सस्पेंड किया जाएगा? फिलहाल इसका इंतजार किया जा रहा है।
