सावन के पावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत होने जा रही है, जिसके लिए अब महज 10 दिन से भी कम का समय रह गया है। क्योंकि उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश गंगा तटों पर बसे शहरों में बड़ी संख्या में कावड़िये आते हैं जिनके लिए उचित व्यवस्थाएं भी बनानी भी जरूरी होती हैं। ऐसे में तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करने खुद जिलाधिकारी देहरादून ऋषिकेश पहुंचे। जहां उन्होंने जमीनी स्तर की तैयारियों को परखा, साथ ही संबंधित एजेंसियों, अधिकारियों से तय समय सीमा में काम किए जाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि आईडीपीएल में इसकी तैयारियां की जा रही हैं और पुलिस साथ ही नगर निगम को पूर्व वर्षों के अनुभव के आधार पर उनकी सूची बनाकर कमियों को दूर किया जाय। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, लाइटिंग की व्यवस्था, टॉयलेट, पानी की व्यवस्था को समय से पूरा कर लिया जाय।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्ग का पैचवर्क, गड्ढों की मरम्मत, पुलों की रेलिंग दुरुस्त करने तथा पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को गंगा घाटों पर सुरक्षा चेन एवं स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम करने तथा नगर निगम ऋषिकेश को घाटों की नियमित सफाई, प्रकाश व्यवस्था, डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग एवं दवा छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा।
नगर निगम को आईडीपीएल मैदान में विशेष सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था करने के साथ ही मैदान को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए गए कि वाहनों के फंसने की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त चिकित्सा दल, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) एवं मेडिकल कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गत वर्ष की कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आई कमियों का गंभीरता से विशलेषण कर इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं बेहतर बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर कांवड़ यात्रा को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उनके सुझाव भी प्राप्त किए। मैदान की सफाई संबंधी स्थानीय चिंता पर उन्होंने आश्वस्त किया कि मेले से पूर्व तथा समापन के बाद आईडीपीएल मैदान एवं पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर व्यापक सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अवैध दुकानों एवं फर्जी नाम से संचालित ढाबों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग एवं जिला पूर्ति अधिकारी को होटल-ढाबों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच, मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने तथा ओवररेटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने नेपाली फार्म में भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। 31 जुलाई से 4 अगस्त तक श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ रहने की संभावना है, जबकि 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ का संचालन होगा। 11 अगस्त को शिवालयों में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को चार जोन एवं 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून
