देहरादून में लगातार होती भारी बारिश ने लोक निर्माण विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रखदी है। प्रेमनगर में नंदा की चौकी के पास पुल का हाल ही में हुए मरम्मत और उसपर आवाजाही शुरू होने के बाद बीती रात बड़ा गड्ढा हो गया। पुल पर नजर पड़ी तो इस पर बने गड्ढे को देखकर सभी हैरान रह गए। हालांकि पुलिस के द्वारा तत्काल ही वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। जिसके चलते किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई।

सालभर का इंतजार और फिर ये गढ्ढा, मंत्री सतपाल महाराज जवाब दें ?
आपको बता दें कि बीते वर्ष 2025 सितंबर माह में भारी बारिश के चलते देहरादून में कई जगह नदियों का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया था। जिसके चलते प्रेम नगर नंदा की चौकी के पास बने टोंस नदी पर पुल का एक पिलर टूट गया था। इस पिलर का निर्माण हाल ही में पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरा कर लिया गया था। जिसकी जुलाई माह की शुरुआत में लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी दी थी कि पुल में मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे खोल दिया जाएगा। इन सब के बीच करीब 12 जुलाई को पुल आमजन के लिए और वाहनों के लिए खोल दिया गया था। लेकिन यह पुल केवल 20 दिनों के भीतरी एक बड़े गड्ढे में तब्दील हो गया। जिससे पुल के निर्माण कार्य पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि करीब साल भर के इंतजार के बाद पुल के एक छोटे से हिस्से की मरम्मत के कार्य की गुणवत्ता को भी लोक निर्माण विभाग आखिर क्यों गुणवत्ता पूर्वक नहीं कर सका? सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर क्यों लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है? पुल पर हुए गड्ढे के दौरान यदि आवाजाही रहती तो संभव है की कोई भी वाहन इस दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता था।

खर्च करीब 16 करोड़, जनता को मिला गढ्ढा, क्या होगी उच्च स्तरीय जांच?
अब देखना यह होगा कि लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज आखिर पुल के निर्माण को लेकर क्या कहते हैं। क्या इसके निर्माण को लेकर कोई उच्च स्तरीय जांच बिठाई जाएगी? क्या उस जांच का नतीजा कभी सामने आएगा? क्या कभी पता चल सकेगा कि इस पुल के पिलर के निर्माण के दौरान कौन सी बड़ी खामियां या कौन सी लापरवाही हुई? जिसके चलते न सिर्फ आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है बल्कि यह पूरा कार्य एक बड़े भ्रष्टाचार की और भी इशारा कर रहा है।
