उत्तराखंड, देहरादून : प्रदेश में पंचायत चुनावों में खलल डालने वालों को उत्तराखंड एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए धर दबोचा है। आपको बता दे कि बीती रात STF व रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल सप्लायर को धर दबोचा। जिसके पास से 8 ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई।
पंचायत चुनावों के करनी थी सप्लाई, अवैध पिस्टल
पूछताछ में मालूम हुआ कि इसकी सप्लाई पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए की जानी थी। गिरफ्तार अभियुक्त 24 वर्षीय खजान सिंह के संबंध में भी जानकारी मिली कि पूर्व ने भी वह लूट और अवैध असलहा सप्लाई में भी जेल जा चुका है। इसके साथ ही अन्य तीन अभियुक्त युवराज, जगजीत, गुड्डू फरार चल रहे हैं जिनको भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मध्यप्रदेश से लाए थे अवैध पिस्टल
इसके साथी एसटीएफ एसएसपी ने बताया कि मध्य प्रदेश से यह अवैध पिस्तौल लेकर आए थे और क्योंकि एसटीएफ उत्तराखंड की पहले से ही इन पर नजर थी, ऐसे में बीती रात वापस लौटते समय ही रुद्रपुर में इसकी गिरफ्तारी की गई। इसके साथ ही यह भी मालूम हुआ कि चुनाव में अवैध पिस्तौल की मांग के चलते वह इसे रुद्रपुर व आसपास के क्षेत्र में सप्लाई करने जा रहा था।
सरताज सिंह एमपी में अवैध पिस्टल सप्लाई का कारोबारी
इस पूरे घटनाक्रम में मध्य प्रदेश के लिंक जुड़े हैं, जहां से यह भी मालूम हुआ कि सरताज सिंह नाम का व्यक्ति जो वहां पर अवैध असला का बड़ा कारोबार करता है। उससे यह अवैध पिस्तौल पूर्व के वर्षों में लाया करते थे जिसे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में सप्लाई किया करते थे। इस पूरे प्रकरण में गिरफ्तारी के बाद अब अन्य तीन अभियुक्त युवराज,जगजीत, गुड्डू की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। इसी के साथ यह पूर्व के वर्षों में कहाँ-कहाँ पिस्तौल की सप्लाई कर चुके हैं, साथ ही अभी जो पिस्तौल बरामद हुई है उन सभी को किस को सप्लाई किया जाना था ? इन सभी की जांच उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा की जा रही है।
इस माह 15 अवैध पिस्टल के साथ 4 अभियुक्त किए गिरफ्तार
आपको बता दें कि उत्तराखंड एसटीएफ ने इस माह अब तक 15 अवैध पिस्तौल व जिंदा कारतूस के साथ चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ तीन गैंग का और नाम सामने आया है, जिनके सदस्यों को इसमें एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया, इसमें चीनू पंडित गैंग व दूसरा न्यूजीलैंड से संचालित गैंग व तीसरे अभियुक्त को अभी stf ने गिरफ्तारी की है।
STF का शिकंजा, दबोचेगा अपराधियों की गर्दन
बहरहाल जहां इस घटनाक्रम से एक बात तो साफ है कि उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय प्रदेश में अवैध असला की मांग के साथ ही उनकी अवैध सप्लाई भी की जाती रही है। वही एसटीएफ उत्तराखंड की इस कार्रवाई से अवैध असला सप्लाई करने वाले गैंग की कमर टूटी है, जो साफ संदेश है कि अगर उत्तराखंड में इस तरह की अवैध गतिविधि की जाएगी तो उत्तराखंड एसटीएफ उसे सलाखों के पीछे पहुंचाने में देर नहीं करेगी।
