परिवहन विभाग द्वारा नारी शक्ति रोड सेफ्टी संकल्प को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आज आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के साथ परिवहन में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम में महिला परिवहन अधिकारियों ने जहां एक ओर परिवहन विभाग में बढ़ती महिलाओं की संख्या पर उत्साह जताया, वहीं महिलाओं के संघर्षों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान ऐसी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया जो परिवार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ ही अपने कार्य को भी पूरी ईमानदारी के साथ करती हैं, इसके साथ ही रोड सेफ्टी को लेकर अपने प्रयासों को भी गति दे रही हैं।
कार्यक्रमके दौरान परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने भी महिलाओ की भागीदारी को साराहा और कहा कि महिलाओं की हर क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी इसी बात का प्रमाण है कि महिलाएं अब पहले के मुकाबले न सिर्फ सशक्त हुई हैं बल्कि उनको आगे बढ़ने के अवसर भी लगातार उपलब्ध हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने संसद में होने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भी केंद्र की मोदी सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारी सरकार की हमेशा से यही सोच रही है कि महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाय और हर क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहे।
RTO प्रवर्तन देहरादून अनीता चमोला ने कहा महत्वपूर्ण पहल
वहीं संभागीय RTO प्रवर्तन देहरादून अनिता चमोला ने भी कार्यक्रम को लेकर कहा कि हमने यहां उन महिलाओं को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया है, जो परिवहन ओर रोड सेफ्टी के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। जिसमें से हमने पांच ऐसी महिलाएं जो चालक हैं ऑटो चलाकर अपने परिवार की आजीविका को चलाती हैं, 5 ऐसी महिलाएं जो परिचालक हैं, साथ ही जो रोड सेफ्टी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका में रहती हैं और ऐसी महिला जो ड्राइविंग स्कूल संचालित करती हैं, उन सभी को इस मंच के माध्यम से सम्मानित करके यह संदेश देना कि समाज में और महिलाएं भी इसी तरह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सक्रिय बनी रह सकती हैं।
प्रीति सूर्या हुईं सम्मानित, वर्षों से ड्राइविंग स्कूल का संचालन कर रहीं
वही कार्यक्रम में सम्मानित सूर्या ड्राइविंग स्कूल की प्रिंसिपल प्रीति सूर्या ने कहा कि वह सूर्या मोटर ड्राइविंग स्कूल की प्रिंसिपल हैं और वर्षों से यहां मोटर ड्राइविंग स्कूल संचालित कर रही हैं क्योंकि वे देहरादून में इकलौती ऐसी महिला हैं इसीलिए उनको परिवहन की ओर से सम्मानित किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सम्मान पाकर वह काफी खुश हैं और उनका प्रयास यही है कि वह इस क्षेत्र में और ज्यादा बेहतर कार्य करें।
